After so long…

I picked up a pen and paper
and as I sat, I felt this hollow in my heart like I cant breathe but just write.
I felt an old pain that has surfaced above , like a lost message in the bottle .
l felt the fear building around my bones,
all the uncertainity biting on my soul.
I sensed this strange, scary but , so familiar darkness around me.
After so long , I felt that my mind had too much to say but my heart was numb.

The page before me was blank.

Ishq aur uski baatien….✒️

🌸🌸🌸🌸

Ishq Koi Jang nahi Jo ladi jaye..

Ishq Koi ibaadat nahi Jo kari jaye.

Ishq toh bass ek ehsaas hai ….

Jo maane uske liye sab kuch..

Warna toh kuch bhi nahi…✨

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मत समझो… ( Shayri)

मत समझो इन्हे कुछ स्याही के छीठे,
ये वो लम्हे थे, जो मुझ पर बीते।

हा, कुछ लोग गुजारे के लिए लिखते होंगे।

पर मैं तो लिख के गुज़ार रही हूं,
चन्द शब्दों से रोज़ ज़िन्दगी उधार रही हूं।

इसलिए कहती हूं,

मत समझो इन्हे कुछ स्याही के छीठे ,

ये वो लम्हे थे , जो मुझ पर बीते।।

🌸🌸🌸

मै बड़ी तो हो गई हूं पर..

मैं बड़ी तो हो गई हूं पर दिल अब कुछ छोटा सा लगता है।

वो आंखो की शरारत सूख गई है,

हसीं जैसे लभो से रूठ गई है।
अपने सपने तो पूरे हो रहे है,
पर अपनों से मिलने के नहीं।
पहले मै अपनी कॉलोनी की उन तंग गलियों में बेतःशा दौड़ लगाता था, नंगे पांव , मैले से कपड़े लिए । ना कोई मकसद हुआ करता था ना थी कोई वक़्त की पाबंदी।
अब तो मानो घड़ी के इन कांटो की ग़ुलाम बन गई हूं।
मै अंजान थी कि नए जूते और चमकते सूट की कीमत थी ये।

कीमत तो अदा करना जानती हूं मै,

पर कुछ चीजो कि कीमत ही भूल गई हूं।
मै बड़ी तो हो गई हूं पर………