Bagawat…

बगावतों को ज़रा ज़हन से निकाल दो

बस मुस्कुरा के तुम अपना हाल दो

कि समाज का तुम एक हिस्सा हो..
पर सैकड़ों की भीड़ मे बस एक किस्सा हो।।