The girl and her shadow

Sitting on the dark cold floor is the shadow of a girl who laughs loudly in broad day light.
She is never out of words but, her shadow has nothing to say..
She has her pockets filled with hope,
but her shadow is just tumbling down the slope.
And yet, they both go along so well
Just because she is a liar!

मै बड़ी तो हो गई हूं पर..

मैं बड़ी तो हो गई हूं पर दिल अब कुछ छोटा सा लगता है।

वो आंखो की शरारत सूख गई है,

हसीं जैसे लभो से रूठ गई है।
अपने सपने तो पूरे हो रहे है,
पर अपनों से मिलने के नहीं।
पहले मै अपनी कॉलोनी की उन तंग गलियों में बेतःशा दौड़ लगाता था, नंगे पांव , मैले से कपड़े लिए । ना कोई मकसद हुआ करता था ना थी कोई वक़्त की पाबंदी।
अब तो मानो घड़ी के इन कांटो की ग़ुलाम बन गई हूं।
मै अंजान थी कि नए जूते और चमकते सूट की कीमत थी ये।

कीमत तो अदा करना जानती हूं मै,

पर कुछ चीजो कि कीमत ही भूल गई हूं।
मै बड़ी तो हो गई हूं पर………